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ज्वेलरी सेक्टर में ब्रांडएमएल (RJS) की क्वालिटी का जलवा














सन 1972 में ज्वेलरी कारखाना शुरू करके हर दिन लगातार 18 से 20 घंटे काम करते रहे, तो आज ब्रांड एमएल (RJS) के साथ रामाशा जेम्स एंड ज्वेल्स एलएलपी तेजी से सफलता की सीढिय़ां चढ़ते हुए शिखर पर हैं।


कहते हैं कि दिल से देखे गए सपने अधूरे रह जाए तो उनकी कसक जिंदगी भर दिल में रह जाती है, इसीलिए सपनों को पूरा करने का मौका पाने की हर कोशिश लगातार करते रहना चाहिए। और हां, सपनों को पूरा करने का मौका जब हाथ में आ जाए, तो उस पर जीत के लिए दुनिया के हर हालात से हर तरह की जंग जरूर लडऩी चाहिए। फिर, यह जंग लड़ते वक्त इस बात पर भी कतई नहीं सोचना चाहिए कि जंग में जीत होगी या हार। हमें तो बस समर्पण के साथ लड़ते जाना चाहिए। तभी तो, उस जंग के फल के रूप में हमें जीत हासिल हो पाती है। रामजीवनलाल सोनी की जिंदगी का फलसफा भी बिल्कुल ऐसा ही है। सपने देखना तो उन्होंने बचपन में ही शुरू कर दिया था और उसके बाद वे ना तो कभी हिम्मत हारे और ना ही मेहनत करने से पीछे हटे। ना कभी समर्पण का साथ छोड़ा और ना ही फल की कभी इच्छा रखी। वे जिंदगी में आज जीत के शिखर पर हैं, तो उसके पीछे उनका व उनके परिवारजनों, मनीष सोनी और अमित सोनी का स्वयं पर भरोसा और कर्मफल की इच्छा के बिना लगातार काम करते रहने की लगन ही सबसे बड़ा कारण है। सोनी परिवार की मेहनत और निष्ठा से विकसित एमएल का आज के मामले में देश भर में जबरदस्त नाम है, और ज्वेलरी के क्षेत्र में बहुत बड़ी प्रतिष्ठा भी है। ज्वेलरी में नए नए इनोवेटिव क्रिएशन, प्रोडक्ट् की प्योरिटी की गारंटी तथा विश्वास की डोर का सबसे मजबूत नाता है। एमएल (RJS) के रामजीवनलाल सोनी, मनीष सोनी और अमित सोनी का इसी तथ्य पर सबसे बड़ा भरोसा है और वे अपनी इस कंपनी के फाउंडर कन्हैयालाल सोनी की विश्वास की परंपरा को लगातार जारी रखने को कटिबद्ध हैं। जिंदगी की जंग को लडऩे की कोशिश में कन्हैयालाल सोनी के सुपुत्र रामजीवनलाल सोनी 1971 में जब सपनों के शहर मुंबई में आए, तो यहां उनका अपना कोई भी बहुत बड़े व्यापार में नहीं था, और न ही ज्वेलरी सेक्टर में, जिसे देख कर वे भी खुद के बड़ा बनने के सपने पालें। इसीलिए, सबसे पहले उन्होंने आजीविका चलाने के लिए विभिन्न छोटे मोटे काम किए और अपनी कड़ी मेहनत के सकारात्मक परिणाम के लिए बाद में ज्वेलरी कारखाने में एक कारीगर के तौर पर काम करना शुरू किया। उनको समझ में आने लगा कि कारीगर से ज्वेलर कैसे बना जाता है, तो कुछ ही सालों में उन्होंने अपने जीवन के विकास के रास्ते देखने शुरू किए और 1975 में अपना खुद का ज्वेलरी कारखाना खोल दिया, जहां वे जीवन की सारी जरूरतों को भूल कर लगातार 18 से 20 घंटे हर रोज काम करते रहे। फिर तो उनके छोटे भाई ने भी कारखाने में हाथ बंटाना शुरू किया और दोनों भाईयों की जोड़ी ने विकास की राह पर आगे बढऩा शुरू किया तो फिर उनका रास्ता रोकने वाला कोई आगे आ ही नहीं पाया और अपने खुद के ब्रांड  एमएल (RJS) के साथ वे तेजी से सफलता की सीढिय़ां चढ़ते हुए आज जीवन के इस मुकाम पर हैं। 


आरजे सोनी कहते हैं जीतने के लिए सिर्फ हौंसले और जोश ही काफी नहीं होते बल्कि उनके साथ सोच समझ और सच का होना भी जरुरी है। आरजे सोनी जानते थे कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत क्यों जरूरी होती है और व्यापार में सफलता के लिए ईमानदारी के क्या मायने होते हैं। इसी तरह उनको इस बात का भी आभास था कि कोई भी अकेला व्यक्ति सफलता के मार्ग पर तेजी से आगे नहीं बढ़ सकता, उसके लिए टीमवर्क का साथ भी जरूरी है, सो माता -पिता के आशीर्वाद के साथ उन्होंने आगे बढऩा शुरू किया। वे जानते थे कि घर और माता - पिता से दूर रहकर मेहनत करना व समाज में नाम कमाना कितना मुश्किल है, सो उन्होंने हर मुश्किल का सामना करते हुए सन 1992 में अपना खुद का ऑफिस स्थापित किया। आरजे सोनी जानते थे कि गोल्ड एक बेशकीमती मेटल है, जिससे बनी ज्वेलरी हर किसी के लिए संपदा के रूप में सहेजने योग्य होती है। लोग ज्वेलरी को सालों तक सहेजे रखते हैं। सोनी परिवार इस तथ्य को भली भांति समझता है कि ज्वेलरी वास्तव में एक ऐसी खास चीज है जिसे, भले ही कोई अमीर हो या गरीब, ज्यादातर लोग खरीदना, पहनना व सहेज कर रखना पसंद करते हैं, क्योंकि ज्वेलरी हर किसी को लुभाती है, कुछ साल बाद बड़ी कमाई भी देती है और नारी समुदाय के रूप - सौंदर्य को बढ़ाने के साथ साथ परिवार की संपन्नता भी साबित करती है। इसीलिए उन्होंने ज्वेलरी के व्यापार को लगातार तेजी से आगे बढ़ाने में बेहद मेहनत की।














देश भर में अपने ग्राहक बनाने शुरू किए और ज्वेलरी के व्यापार में नाम कमाने के साथ साथ समाज में भी परिवार का नाम भी रोशन किया। दुनिया में भारत ज्वेलरी का सबसे बड़ा बाजार है और इतने बड़े बाजार में, भले ही सोनी परिवार मेहनत करता रहा, लेकिन देश भर में नाम रोशन करने के साथ साथ ग्राहक के दिलों में जगह बनाना कोई आसान खेल नहीं था। चार दशक के इस लंबे सफर में कई बाधाएं भी आई, मुश्किलें भी कोई कम नहीं आईं, लेकिन आरजे सोनी हर मुश्किल से पार पाने के लिए लगातार 18 - 18 घेटे मेहनत करते रहे, क्योंकि ज्वेलरी में कारीगरी, गुणवत्ता और बाजार में बिकनेवाली ज्वेलरी से होड़ आसान नहीं होती। उनकी ऐसी ही अनेक कोशिशों से रामाशा जेम्स एंड ज्वेल्स, एमएल (RJS) के ज्वेलरी प्रोडक्ट्स ब्रांड के जरिए देश भर में ज्वेलरी सेक्टर के एक प्रतिष्ठित ब्रांड के रूप में स्थापित है। ब्रांड एमएल (RJS) ज्वेलरी ने अपनी क्वालिटी, प्योरिटी की गारंटी तथा इनोवेटिव क्रिएशन से देश भर में अपनी एक अलग प्रतिष्ठा अर्जित की है। सोनी परिवार जानता है कि व्यापारिक सफलता तो हर कोई हासिल कर लेता है, लेकिन उसे टिकाए रखने के लिए कड़ी मेहनत, पक्का इरादा व अनुशासन सहित प्रतिबद्धता, नैतिकता व ईमानदारी पर अटल रहना बेहद जरूरी है, जो आज के तेजी से बदलते व्यापारिक दौर में बेहद मुश्किल है, फिर भी सोनी परिवार अपने सारी प्रतिबद्धताओं पर टिके रहकर ज्वेलरी मार्केट में अपनी प्रतिष्ठा बनाए हुए हैं। आरजे सोनी कहते हैं कि किसी भी बेहतर प्रोडक्ट के बाजार में सफल होने के लिए नैतिकता, ईमानदारी, बेहतरीन व उल्लेखनीय काम, क्वालिटी प्रोडक्ट के साथ साथ क्वालिटी की गारंटी जैसे विभिन्न पहलू बेहद जरूरी होते हैं। खास तौर पर ज्वेलरी के पेशे में तो उस बनावट में प्योरिटी सबसे अनिवार्य होती है। फिर जमाने की जरूरतों के हिसाब से ज्वेलरी में वक्त और जरूरत के हिसाब से वजन भी बेहद मायऩे रखता है, जैसे आजकल की युवा पीढ़ी में लाइट वेट ज्वेलरी ज्यादा चलती है, तो शादी विवाह में हेवी ज्वेलरी का चलन सदा से रहा है। आरजे सोनी कहते हैं कि ग्राहक से सुदीर्घ संबंधों के लिए सबसे पहली जरूरत होती है प्रतिबद्धता, जो ग्राहक की पंसद की ज्वेलरी का क्वालिटी, प्योरिटी व गारंटी से ही आती है। उनके ज्वेलरी ब्रांड एमएल (RJS) ज्वेलरी का ग्राहक से जो बेहद मजबूत नाता है, उसका सबसे बड़ा कारण उनकी ज्वेलरी की खास क्वालिटी ही है।  


ब्रांड एमएल (RJS) के व्यापारिक विकास की भविष्य की योजना में ज्वेलरी सेगमेंट में योजना है, उस पर बात करते हुए रामजीवनलाल सोनी कहते हैं कि नेक्सट लेवल ज्वेलरी के क्षेत्र में वे अपना क्लाइंटल बेस मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। वे बाजार में अपनी जो इमेज है, उसे आने वाले दस सालों में और ऊचा ले जाने की कोशिश में हैं, जिसके लिए वे अपने ज्वेलरी प्रोड़क्ट्स में कई इनोवेटिव आईडिया इस्तेमाल करके अपने आसपास के मजबूत ब्रांड्स के बीच में एक वल्र्ड क्लास ज्वेलरी निर्माता के रूप में अपनी पहचान बनाते जा रहे हैं। इसी कारण आज भारत भर में ब्रांड एमएल (RJS) एक बेहतरीन ज्वेलरी ब्रांड के रूप में अपनी मजबूत साख बना चुका है। अपने 40 साल के लंबे सफर में जो सफलता के शिखर छूए और जो बाधाएं पार कीं, उनको याद करते हुए सोनी कहते हैं कि दुनिया बहुत तेजी से बदली है और ज्वेलरी बाजार में भी कई बदलाव देखने में आ रहा हैं, लेकिन गोल्ड की चमक कभी फीकी नहीं हुई, सिल्वर की शाइनिंग कभी कमजोर नहीं पड़ी और डायमंड की दमक कभी हल्की नहीं हुई। वे कहते हैं कि पहले ज्वेलरी निर्माता बहुत ही कम थे और कारीगर भी कम थे और बाजार भी इतना विकसित नहीं था।


मगर वक्त बदला तो ज्वेलरी का कारोबार भी तेजी से विकसित हुआ और आज बाजार में कंपिटिशन बेहद ज्यादा बढ़ गया है, जिसमें टिके रहने के लिए ज्वेलरी प्रोड़क्ट्स में इनोवेटिव आईडिया, उसकी प्योरिटी व क्वालिटी के साथ साथ जमाने के हिसाब से ज्वेलरी की जरूरत ज्यादा बढ़ गई है, और ब्रांड एमएल (RJS) के व्यापारिक विकास का आधार यही है कि उन्होंने बाजार की इस जरूरत को बहुत पहले ही समझ लिया था। सोनी परिवार अपनी कंपनी के संस्थापक कन्हैयालाल सोनी की जिंदगी के फलसफे को ही सफलता का सूत्र मानकर रामाशा जेम्स एंड ज्वेल्स के जरिए बाजार में अपनी साख लगातार मजबूत करता जा रहा है।

२०१४-१५ मे रामजीवनलालजी ने अपने दोनो सुपुत्र मनीष सोनी और अमित सोनी के साथ अपनी पुरानी कंपनी से अलग होकर एमएल (RJS) की स्थापना की। और आज ज्वेलरी इंडस्ट्रीज में एक चमकता नाम हैं।


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