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संपादकीय...गोल्ड में तेजी, सिल्वर में चमकारबाजार में बहार, खरीदी का इंतजार


भारत इन दिनों दुनिया भर की निगाहों में है। हर देश की नजर भारत की गोल्ड की खरीदी पर है, लेकिन भारत की नजरें चीन पर है और आभूषण टाइम्स की नजरें बाजार की गतिविधियों पर। दुनिया भर के विभिन्न देशों की नजरें भारत पर होने का कारण यह है कि भारत लगातार गोल्ड की खरीदी करता जा रहा है, और भारत की नजरें चीन पर इसलिए है क्योंकि हाल ही में चीन ने गोल्ड की खरीदी धीमी कर दी है एवं आभूषण टाइम्स की नजरें बाजार पर इसलिए है क्योंकि हम आपको बताते रहे हैं कि बाजार के हालात क्या है, कैसे सुधर रहे हैं और किन हालातों में व्यापार में बढ़ोतरी हो सकती है। देश भर के ज्वेलर्स गोल्ड की हाल ही में मंदी पड़ गई रफ्तार से हैरत में है, लेकिन खुश भी है क्योंकि गोल्ड के रेट स्थिर रहते हैं, तो ही ज्वेलरी की ग्राहकी खुलती है। आभूषण टाइम्स हर बार अपने ताजा अंक में बाजार के ताजा हालात की जानकारी देता रहा है। हालांकि देश का ज्वेलरी मार्केट इन दिनों थोड़ा सुस्त सा है, बुलियन मार्केट भी गोल्ड के रेट्स के कारण धीमा रफ्तार से चल रहा है और सिल्वर भले ही तेज है, लेकिन उतार चढ़ाव ज्यादा होने के कारण कमाई कभी कभी अचानक धुल भी जाती है।

तो चलिए सबसे पहले बात करते हैं गोल्ड की, जो दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था का आधार है और उसी का चमक से बाजार की धडक़नें धडक़ती है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही वक्त में गोल्ड फिर से 77 हजार के आंकड़े को पार करता हुआ 80 हजार पर पहुंच सकता है। हालांकि फिलहाल गोल्ड थोड़ा सा धीमा है मगर जानकार बताते हें कि थोड़ा और नीचे भी जा सकता है, लेकिन फिर तेजी पकड़ेगा, तो सीधे 1 लाख के पार भी जा सकता है, जो आने वाले साल भर में देखने को मिल सकता है। इसके खास कारण यह है कि दुनिया भर के देश गोल्ड की खरीदी तेज करने वाले हैं। भारत की ही बात करे, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से इस साल जमकर सोने की खरीदारी की जा रही है, यह साफ तौर पर लग रहा है। इसी साल 2024 के बीते तीन महीनों, मार्च, अप्रेल और मई महीनों में की गई गोल्ड की खरीदी के आंकड़े तो बाद में सामने आएंगे, लेकिन रिजर्व बैंक ने जनवरी और फरवरी में गोल्ड खरीदारी का जो सिलसिला बरकरार रखा उसके मुताबिक केवल दो महीने में ही भारत ने 13 टन से ज्यादा सोना खरीदा और इसी के साथ भारत का गोल्ड रिजर्व बढक़र अब 817 टन पर पहुंच गया है। दुनिया भर के देशों में अमेरिका, कजाकिस्तान, चीन जैसे देश भी लगातार गोल्ड खरीद रहे हैं।

उधर सिल्वर यानी चांदी की चमक को देखें, तो वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख के अनुरूप सिल्वर की कीमतें 97 हजार के पार तक तो पहले से ही पहुंच गई और आने वाले दिनों में 1 लाख का आंकड़ा छूकर सीधे 1 लाख 15 हजार पर पहुंचने के आसार हैं। बाजार के जनकार मानते हैं कि आश्चर्य नहीं कि अगले साल सिल्वर में सवा लाख तक भी पहुंच सकता है। पिछले कुछ महीनों से सिल्वर की शाइनिंग ज्वेलर्स की उम्मीद के मुताबिक लगातार बढ़ती ही जा रही है। अक्सर माना जाता है कि सिल्वर और गोल्ड साथ साथ चलते हैं, लेकिन इस बार सिल्वर ने जो तेजी पकड़ी है, उससे बाजार के जानकार भी दंग हैं।  गोल्ड की तेजी मंदी पडऩे के साथ ही सिल्वर सीधे 20 फीसदी तेजी पकडक़र आगे बढ़ गया, तो बाजार को आश्चर्यचकित तो होना ही था। केवल इसी साल में सिल्वर  के रेट्स में 36 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। खास बात यह है कि सिल्वर की इस रिकॉर्ड तेजी की वजह इसकी इंडस्ट्रियल मांग में तेजी को माना जा रहा है। सिल्वर के तेज बढ़ते रेट्स ने इसमें निवेशकों को भी जबरदस्त आकर्षित किया है, निवेशक अगले कुछ ही महीनों में सिल्वर को लाख रुपये के पार देख रहे हैं, जबकि बाजार के हालात बता रहे हैं और जिस तरह से खपत बढ़ रही है, सन 2025 में सिल्वर के ये रेट्स सवा लाख के पार भी पहुंच सकते हैं।

बात जब, गोल्ड और सिल्वर की कर ली है, तो ये दोनों जिस ज्वेलरी में काम आते हैं, उसकी बात भी करना जरूरी है, क्योंकि आभूषण टाइम्स आखिरकार ज्वेलरी मार्केट की ही प्रतिनिधि पत्रिका है। ज्वेलर्स पिछले तीन महीनों से परेशान थे, क्योंकि आम चुनाव की वजह से कैश की आवाजाही लगभग ठप ही थी। भारत से ज्वेलरी का एक्सपोर्ट बढ रहा है और गोल्ड की बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ज्वेलर्स अपने उत्पादों में डिजाइन का विस्तार भी कर रहे हैं। बाजार में कम कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी का आकर्षण बढ़ रहा है, यह बदलाव युवा पीढ़ी की ओर से देखनो को मिल रहा है, क्योंकि वह ज्वेलरी पसंद भी करती है और खर्च भी कम करना चाहती है। माना जा रहा है कि रिटेल से पहले होलसेल ज्वेलरी मार्केट में आने वाले दिनों में तेजी आएगी, क्योंकि बारिश के बाद खरीदी का सीजन भले ही देर से आए, लेकिन होलसेल ज्वेलर्स के लिए निर्माण और बड़े पैमाने पर सेल तो शुरू हो ही जाएगी। वैसे रिटेल ज्वेलर्स के लिए तो मुख्य सेल गणेशोत्सव के बाद से त्यौहारी सीजन और फिर विवाह के सीजन में ही होगी।


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