FTA पार्टनर मार्केट भारतीय ज्वेलरी सेक्टर के लिए एक्सपोर्ट के बहुत बड़े मौके देते हैं :
- Aabhushan Times
- Jun 10
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जयपुर। कॉमर्स डिपार्टमेंट, कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री, भारत सरकार ने आज जेम्स और ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के साथ पार्टनरशिप में जयपुर में जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर के लिए FTA का फ़ायदा उठाना पर एक फोकस्ड आउटरीच प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किया। इस प्रोग्राम में एक्सपोर्टर्स, मैन्युफैक्चरर्स, MSMEs और इंडस्ट्री के दूसरे स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया। यह वर्कशॉप सरकार की लगातार कोशिशों का हिस्सा है ताकि यह पक्का किया जा सके कि एक्सपोर्टर्स खासकर MSMEs और क्लस्टर-बेस्ड एंटरप्राइजेज भारत के नए FTAs से हुए मार्केट एक्सेस के फायदों का पूरा फायदा उठा सकें। पिछले बारह सालों में भारत का कुल एक्सपोर्ट लगभग दोगुना हो गया है, जो FY 2025-26 में USD 863 बिलियन के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है जो FY 2014-15 में SD 468 बिलियन था। मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट USD 442 बिलियन और सर्विसेज एक्सपोर्ट SD 421 बिलियन रहा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और कॉम्पिटिटिवनेस को दिखाता है। हाल के सालों में भारत के FTAs बड़े, गहरे और कमर्शियली ज़्यादा मतलब वाले हुए हैं—जिनमें प्रोडक्ट्स, सर्विसेज, इन्वेस्टमेंट, स्टैंडर्ड्स और ट्रेड फैसिलिटेशन की एक बड़ी रेंज शामिल है। जेम्स और इन एग्रीमेंट के तहत ज्वेलरी एक बड़ा बेनिफिशियरी सेक्टर बनकर उभरा है। FTA पार्टनर देश मिलकर हर साल US$55 बिलियन से ज़्यादा की ज्वेलरी इंपोर्ट करते हैं। भारत का अभी का हिस्सा स्$8 बिलियन है—जो ग्रोथ के लिए काफी गुंजाइश दिखाता है। राजस्थान, जो भारत के कलर्ड जेमस्टोन एक्सपोर्ट का 97 प्रतिशत हिस्सा है और सिल्वर और इमिटेशन ज्वेलरी में इसकी मजबूत पकड़ है, इस मौके का फायदा उठाने के लिए एकदम सही जगह पर है। वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, डिपार्टमेंट ऑफ़ कॉमर्स के जॉइंट सेक्रेटरी, श्री साकेत कुमार ने कहा भारत के FTA एक्सपोर्ट के मौके बढ़ाने के लिए स्ट्रेटेजिक इंस्ट्रूमेंट हैं। हमारा मकसद यह पक्का करना है कि MSMEs और क्लस्टर-बेस्ड एंटरप्राइजेज सहित हर एक्सपोर्टर इनका इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो।
यह प्रोग्राम माननीय कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर श्री पीयूष गोयल के विजन से मेल खाता है, जिन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया है कि भारत की एक्सपोर्ट ग्रोथ स्ट्रेटेजी बढ़ी हुई कॉम्पिटिटिवनेस, बेहतर मार्केट एक्सेस और मजबूत डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग पर टिकी है। 2030 तक USD 2 ट्रिलियन के एक्सपोर्ट का टारगेट पाने के लिए इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स को भारत के बढ़ते FTA नेटवर्क से बने मौकों का पूरा फ़ायदा उठाना होगा। डिपार्टमेंट ऑफ़ कॉमर्स FTA से जुड़े मौकों को ज़्यादा से ज़्यादा फैलाने और भारत को विकसित भारत 2047 के तहत एक लीडिंग ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाने में मदद करने के लिए खास एक्सपोर्ट क्लस्टर्स में इसी तरह के काम जारी रखेगा।











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