भारत-ओमान सीईपीए के तहत कोलकाता से ओमान रवाना हुई सोने के आभूषणों की पहली खेप
- Aabhushan Times
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कोलकाता। भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत कोलकाता से ओमान के लिए सोने के आभूषणों की पहली खेप रवाना की गई। इसके साथ ही पूर्वी भारत से ओमान को सीधे शुल्क-मुक्त निर्यात का मार्ग खुल गया है। कोलकाता स्थित आभूषण निर्माता वंडर ज्वेल्स द्वारा भेजी गई इस पहली खेप को सीमा शुल्क आयुक्त (कोलकाता एयरपोर्ट एवं एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स) श्रीमती आरती सक्सेना (आईआरएस) तथा जीजेईपीसी पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष पंकज पारिख की उपस्थिति में रवाना किया गया। 1 जून 2026 से लागू हुए भारत-ओमान सीईपीए के तहत भारतीय सोने के आभूषणों और हीरों को ओमानी बाजार में शुल्क-मुक्त प्रवेश प्राप्त हुआ है। इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यातकों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। यह समझौता दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष व्यापार को मजबूत करने के साथ-साथ मध्यस्थ व्यापार मार्गों पर निर्भरता भी कम करेगा।
वर्तमान में ओमान को भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात लगभग 3.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का है, जिसमें करीब 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्वर्ण आभूषण शामिल हैं। उद्योग के अनुमान के अनुसार बेहतर बाजार पहुंच और भारतीय आभूषणों की बढ़ती मांग के कारण अगले तीन वर्षों में यह निर्यात बढक़र 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इस अवसर पर जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने कहा कि भारत-यूएई सीईपीए और भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए जैसे व्यापार समझौतों ने भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजारों के द्वार खोले हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ओमान सीईपीए खाड़ी क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को और मजबूत करेगा तथा निर्यात वृद्धि के नए अवसर प्रदान करेगा। पंकज पारिख ने कहा कि यह पहली खेप भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात क्षेत्र में पूर्वी भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। ओमान के बाजार तक सीधे शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने से यूएई के माध्यम से होने वाली महंगी रूटिंग की आवश्यकता समाप्त होगी, जिससे भारतीय आभूषण अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और तेजी से डिलीवरी संभव होगी।
उद्योग जगत का मानना है कि भारत-ओमान सीईपीए द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देगा और ओमान को खाड़ी क्षेत्र में भारतीय आभूषण निर्यात के एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करेगा।










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