संपादकीय..
- Aabhushan Times
- Dec 11, 2025
- 4 min read
महंगे होते गोल्ड व सिल्वर के बीच
फिर 'आइआइजेएस सिग्नेचर' से बड़ी उम्मीद

सिद्धराज लोढ़ा
गोल्ड फिर से अपनी तेजी के तेवर दिखा रहा है और सिल्वर भी बहुत तेजी से उतार - चढ़ाव के बीच ज्वेलर्स को नई कमाई दे रहा है। इस बीच 'आइआइजेएस भारत सिग्नेचर - 2026' ज्वेलरी एग्जिबिशन भी अगले जनवरी महीने में फिर आ रहा है। जमाने का माहौल देखें, तो निवेशक माला माल हैं, मगर ज्वेलरी की सेल कम हो रही है, क्योंकि बढ़ते गोल्ड के रेट की वजह से लोग सीधे बुलियन में निवेश कर रहे हैं और ज्वेलरी कम खरीद रहे हैं। सिल्वर में भी निवेश का सिलसिला तेज हुआ है क्योंकि लोगों को लग रहा है कि सिल्वर आने वाले कुछ ही सालों में तीन गुना भी महंगा हो सकता है। गोल्ड 1,35,000 के पार जाकर अचानक नीचे 1,18,000 तक उतर गया था, लेकिन फिर से दिसंबर 2025 की शुरूआत में धीमे - धीमे 1,31,000 के पार पहुंच गया है। सिल्वर भी 2 लाख के पार जाकर 1,60,000 पर धड़ाम से गिरने के बाद फिर से तेजी का रुख किए हुए हैं। ऐसे में बाजार की हालत तो ठीक है, लेकिन ज्वेलरी की सेल बहुत ही नीचे है। ज्वेलर्स परेशान हैं और वेडिंग सीजन में भी ज्वेलरी के कम बिकने से हैरान हैं। लेकिन इंडियन ज्वेलरी मार्केट की आपकी इस प्रमुख पत्रिका 'आभूषण टाइम्स' को उम्मीद है कि गोल्ड और सिल्वर चाहे कितने भी महंगे हो जाएं, ज्वेलरी मार्केट का बाजार सुधरेगा, कमाई भी कम नहीं होगी और आइआइजेएस सिग्नेचर के बाद फिर से ज्वेलरी की से रफ्तार पकड़ेगी।
ज्वेलरी बिजनेस के प्रमोशन के लिए जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा आयोजित होने वाला 'आइआइजेएस भारत सिग्नेचर - 2026' ज्वेलरी एग्जिबिशन एक अहम आयोजन है। दुनिया भर में इस शो की प्रतिष्ठा है। गोल्ड व सिल्वर के रेट एक बार फिर से बढऩे लगे हैं और ज्वेलरी की सेल भी कुछ प्रतिशत तक गिर गई है। देश भर के ज्वेलर्स को हर साल आइआइजेएस के हर शो से बड़ी उम्मीद रहती है। गोल्ड के महंगे होते रेट्स के बीच थम गई ज्वेलरी की सेल को फिर से बूस्टअप मिलने की उम्मीद बांधे ज्वेलर्स 'आइआइजेएस भारत सिग्नेचर - 2026' ज्वेलरी एग्जिबिशन से भी उम्मीद लगा रहे हैं। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के पदाधिकारी बाजार के हालात से वाकिफ हैं तथा ज्वेलर्स के मन को समझते है इसीलिए मुंबई में बीकेसी स्थित जियो वल्र्ड कन्वेंशन सेंटर और गोरेगांव नेस्को स्थित बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में 8 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले 'आइआइजेएस भारत सिग्नेचर - 2026' ज्वेलरी एग्जिबिशन के 18 वें एडिशन के लिए जीजेईपीसी कमर कस चुकी है। इस आयोजन की जबरदस्त तैयारियां चल रही है।
आइआइजेएस सिग्नेचर ज्वेलरी एग्जिबिशन - 2026 में इस बार के आयोजन की इस बार की थीम सभी को आकर्षित कर रही है। इस शो में 1600 ज्वलेरी कंपनियां और 3300 स्टॉल्स होंगे। भारत के 800 शहरों तथा 60 देशों से लगभग 25 हजार देसी- विदेशी ट्रेड विजिटर्स के इसमें आने की संभावना है। पिछले एक महीने में प्रमुखत: नवंबर की शुरुआत से लेकर दिसंबर की शुरूआत तक भारत में गोल्ड व सिल्वर दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिले। हालांकि, कुल मिलाकर दोनों में बढ़त रही है, लेकिन तेजी से उतार - चढ़ाव के बीच ज्वेलर्स सहमे हुए हैं। नवम्बर 2025 के अंतिम दिनों में गोल्ड 1,37,500 हजार के आसपास प्रति ग्राम था। लेकिन नवम्बर के अंत में कीमतों में करीब थोड़ी सी गिरावट देखी गई थी। इसके विपरीत, सिल्वर की मांग और कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। नवंबर 2025 की शुरुआत में 1 किलोग्राम चांदी का भाव करीब 1 लाख 91 हजार देखा गया। सन 2025 के इस साल में एक साल के आधार पर देखों तो गोल्ड की कीमत में लगभग 66 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि सिल्वर लगभग 85 ऊपर पहुंचा है। बजार के कई प्रमुख वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की आपूर्ति-कमी, डॉलर के कमजोर होने की संभावना, और निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की ओर वापसी। इसी तरह से जनवरी -025 अर्थात अगले महीने की संभावनाओं की चर्चा करें, तो गोल्ड व सिल्वर, दोनों में सकारात्मक रुझान बना रह सकता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की तेज चाल, और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें गोल्ड की तेज होती कीमतों को और ऊपर धकेल सकती हैं।
इसी काऱण, गोल्ड व सिल्वर दोनों में, तेज उतार - चढ़ाव तथा अचानक अप्रत्याशित तरीके से होने वाली तेज हलचल वाले बाजार के बीच आखिर खरीददार ज्वेलरी खरीदे भी तो कैसे। खरीददार तो आखिर मार्केट जब स्थिर होता है, तभी खरीदते हैं, या फिर लगातार जेती की संभावना के बीच खरीदते हैं। क्योंकि अस्थिरता के बीच तो खरीददार असमंजस में ही रहता है कि कहीं रेट गिर गए, तो खरीदी में नुकसान हो जाएगा। ऐसे में, भारत के ज्वेलरी मार्केट को संभालने तथा बाजार को नई दिशा देने के मामले में जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा किए गए प्रयासों, की सदा ही सराहना की जाती रही रही है। जीजेईपीसी द्वारा अपनी तरफ से ज्वेलरी के बड़े बड़े एग्जिबिशन करके ज्वेलरी की सेल को बढ़ाने में सहायता की जाती रही है। हम देखते रहे हैं कि हर जीजेईपीसी अपने आयोजन की सफलता के लिए जी-जान से कोशिशें करती है। जनवरी में होने जा रहे 'आइआइजेएस भारत सिग्नेचर - 2026' ज्वेलरी एग्जिबिशन के लिए भी जबरदस्त कोशिशें की जा रही हैं, ताकि सेल बढ़े। इसीलिए महंगे होते गोल्ड व सिल्वर के बीच भी बाजार को सहारा देने में यह शो सफल होगा और हर ज्वेलर्स को 'आइआइजेएस भारत सिग्नेचर - 2026' ज्वेलरी एग्जिबिशनसे यही उम्मीद भी हैं।










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