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आईआईजेएस प्रीमियर 2026ज्वेलरी इंडस्ट्री को नई ऊर्जा की उम्मीद

  • Aabhushan Times
  • 1 day ago
  • 7 min read


भारतीय जेम एंड ज्वेलरी उद्योग इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। वैश्विक आर्थिक उतार - चढ़ाव, गोल्ड - सिल्वर की कीमतों में उतार - चढ़ाव और बदलते उपभोक्ता रुझानों के बीच, देश और दुनिया भर के ज्वेलर्स की निगाहें अब वर्ष के सबसे बड़े व्यापारिक महाकुंभ पर टिक गई हैं। द जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा अगस्त 2026 में आयोजित होने जा रहा आईआईजेएस प्रीमियर 2026 (इंडिया इंडरनेशनल ज्वेलरी शो - प्रीमियर) इस बार न केवल व्यापार के नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार है, बल्कि वर्तमान सुस्त बाजार में जान फूंकने के लिए एक संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है।

आईआईजेएस प्रीमियर का 42वां संस्करण अपनी चिरपरिचित भव्यता और अत्याधुनिक बदलावों के साथ इस बार भी डुएल वेन्यू मॉडल पर आयोजित किया जा रहा है। मुंबई के बांद्रा - कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 5 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक, तथा गोरेगांव (नेस्को) स्थित बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर में 6 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक। मुंबई शहर आईआईजेएस प्रीमियर 2026 के जरिए एक बार फिर वैश्विक ज्वेलरी व्यापार का केंद्र बनेगा। दोनों वेन्यू पर एक एक दिन का अंतर इसलिए रखा गया है ताकि देश - विदेश से आने वाले खरीदार बिना किसी हड़बड़ी के दोनों स्थानों पर विजिट कर सकें। इस वर्ष आईआईजेएस प्रीमियर 2026 का कुल क्षेत्रफल 1.35 लाख वर्ग मीटर से अधिक के विशाल दायरे में फैला हुआ है, जो इसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जेम्स एंड ज्वेलरी बी2बी शो बनाता है। इस वर्ष की सबसे अनूठी विशेषता इसकी थीम अलंकार भारतीय संगीत और शिल्प कौशल की जुगलबंदी (अलंकार - म्यूजिक ऑफ इंडिया ) है। इसके तहत भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं जैसे संगीत, कला और विरासत को आधुनिक ज्वेलरी डिजाइनों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

बीते कुछ महीनों में गोल्ड के रेट में उतार - चढ़ाव तथा सिल्वर में निचले स्तर के कारण घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ज्वेलरी की मांग में एक ठहराव देखा गया है। उच्च मुद्रास्फीति और राजनीतिक तनावों के कारण निर्यात बाजार में भी चुनौतियां रही हैं। ऐसे माहौल में, आईआईजेएस प्रीमियर 2026 बाजार की धारणा को बदलने में गेमचेंजर साबित होगा। चूंकि यह शो आगामी त्योहारों, जैसे रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, दीपावाली और शादियों के सीजन से ठीक पहले आयोजित हो रहा है, इसलिए देश भर के रिटेलर्स अपनी इन्वेंट्री को रीस्टॉक करने के लिए यहां भारी बुकिंग करेंगे, ऐसा माना जा रहा है। ज्वेलरी जगत के लोगों का मानना है कि इस शो के माध्यम से उद्योग में सेल बढ़ेगी और नए व्यापारिक समझौतों से बाजार को एक मजबूत गति मिलेगी।


आईआईजेएस प्रीमियर को स्टॉल्स, कंपनियों, डिजाइंस और विजिटर्स का महासंगम माना जाता है। ज्वेलरी जगत की इस प्रदर्शनी की विशालता को देखें, तो गोल्ड, सिल्वर, डायमंड, प्लेटिनम, ज्वेलरी मशीनरी तथा ज्वेलरी बिजनेस से जुड़े लगभग 2100 से अधिक एग्जीबिटर्स अर्थात ज्वेलरी प्रदर्शनी कंपनियां रहेंगी, जिनके कुल स्टॉल्स की संख्या 3,600 से अधिक होगी। लगभग 50,000 से अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय खरीदार की अपेक्षा के साथ भारत के 800 से ज्यादा शहरों और दुनिया के लगभग 60 से ज्यादा देशों से ज्वेलरी सेक्टर के लोग इस एग्जिबिशन में शामिल होंगे। जहां, लाखों की संख्या में एक्सक्लूसिव और नए ज्वेलरी डिजाइन देखने को मिलेंगे। इतने बड़े पैमाने पर होने वाले इस आयोजन से न केवल हजारों करोड़ रुपये का ऑन द स्पॉट व्यापार होना संभावित है, साथ ही आगामी छह महीनों के लिए भी हजारों करोड़ के एडवांस ऑर्डर बुक किए जाने तय है। इसके साथ ही गोरेगांव स्थित नेस्को में आईजीजेएमई प्रीमियर 2026 (इंडिया जेम एंड ज्वेलरी मशीनरी एक्सपो) का भी आयोजन हो रहा है, जिससे ज्वेलरी निर्माताओं को उन्नत तकनीक और आधुनिक मशीनरी एक ही छत के नीचे मिल सकेगी।  देश और दुनिया भर के ज्वेलर्स के लिए आईजीजेएमई प्रीमियर 2026 में जीजेईपीसी ने विशेष व्यवस्थाएं और सुविधाएं की हैं। जीजेईपीसी ने इस बार विजिटर्स और एग्जीबिटर्स दोनों के अनुभव को विश्वस्तरीय बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण तैयार किया है। पिछले कुछ सालों से डिजिटल एंट्री ने कई तरह की सुरक्षा आसान कर दी हैं। फेशियल रिकग्निशन के कारण लंबी लाइनों से बचने के लिए आईआईजेएस ऐप के माध्यम से डिजिटल आर्मबैज और चेहरे की पहचान प्रणाली लागू की गई है। थ्रीडी इंटरएक्टिव फ्लोर प्लान की सुविधा देखें, तो गोरेगांव नेस्को तथा बीकेसी के जियो वर्ड कन्वेंशन सेंटर के कई सारे विशाल हॉल में अपने पसंदीदा एग्जीबिटर्स को आसानी से खोजने के लिए विजिटर्स ऐप पर थ्रीडी नेविगेशन का उपयोग कर सकते हैं। जीजेईपीसी ने दोनों एग्जिबिशन स्थलों के बीच शटल सर्विसेज इस बार भी शुरू की है। 


शटल सर्विस की मुफ्त एसी शटल बस सेवाएं दोनों वेन्यू के बीच तथा प्रमुख अनुबंधित होटलों से प्रदर्शनी स्थलों तक निरंतर उपलब्ध रहेंगी। प्राइम प्लस लाउंज और एलीट क्लब शानदार हमेसा रहता है। जीजेईपीसी ने इस बार भी वीआईपी खरीदारों, अंतर्राष्ट्रीय डेलिगेशन और प्राइम विजिटर्स के लिए आरामदेह नेटवर्किंग लाउंज की व्यवस्था की गई है, जहां वाईफाई और रिफ्रेशमेंट की सुविधा होगी। हर बार की तरह इस बार भी होटल पार्टनरशिप की सुविधा उपलब्ध है। काउंसिल ने उद्योग जगत के लोगों के लिए फाइव स्टार से लेकर बजट होटलों तक विशेष रियायती दरों पर ठहरने की व्यवस्था की है। जीजेईपीसी  द्वारा आयोजित आईआईजेएस प्रीमियर को गोल्ड, सिल्वर, डायमंड और प्लेटिनम ज्वेलरी  का महाप्रदर्शन माना जाता है। आईआईजेएस प्रीमियर में ज्वेलरी का क्लासिफिकेशन बेहद व्यवस्थित तरीके से किया गया है, ताकि खरीदारों का समय बचे। 


गोल्ड और गोल्ड सीजेड स्टडेड ज्वेलरी में यहां पारंपरिक एंटीक, कुंदन - मीनाकारी, राजपूती और दक्षिण भारतीय टेंपल ज्वेलरी से लेकर आधुनिक समय के हल्के वजन की ट्रेंडी गोल्ड की ज्वेलरी देखने को मिलेंगी। इसके सथ ही डायमंड, जेमस्टोन और स्टडेड ज्वेलरी की बात करें, तो प्राकृतिक डायमंड से सजे आलीशान ब्राइडल सेट, रंगबिरंगे कीमती रत्नों (रूबी, एमराल्ड, सैफायर) से जड़े हुए समकालीन डिजाइन इस सेक्शन के मुख्य आकर्षण होंगे। इस बार मोतियों (पर्ल) के कारोबारियों के लिए जेमस्टोन सेक्शन के भीतर एक विशेष क्षेत्र आवंटित किया गया है। भारत की सबसे बड़ी ज्वेलरी एग्जिबिशन कही जाने वाले आईआईजेएस प्रीमियर से ज्वेलरी इंडस्ट्री में किस तरह के परिवर्तनों की है संभावना देखी जा रही है, यह सबसे बड़ा सवाल है। जीजेईपीसी का कहना है कि आईआईजेएस प्रीमियर 2026 केवल एक व्यापार मेला नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय के लिए ट्रेंडसेटर है। इस बार शो से बाजार में जिन बड़े बदलावों की उम्मीद है उमें कई खास है। लाइटवेट लक्जरी की ओर झुकाव सबसे अहम है। गोल्ड की बढ़ती कीमतों को देखते हुए मैन्युफैक्चरर्स इस बार ऐसे डिजाइन पेश कर रहे हैं जो दिखने में भारी और भव्य लगें, लेकिन वजन और कीमत में आम उपभोक्ता के बजट के अनुकूल हों। दूसरी है - तकनीक और कारीगरी का मेल। मशीनरी एक्सपो के साथ होने से ज्वेलरी निर्माण में थ्रीडी प्रिंटिंग और लेजर कटिंग जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा, जिससे फिनिशिंग में सुधार होगा। इसके साथ ही सस्टेनेबिलिटी और एथिकल सोर्सिंग भी अहम है। वैश्विक खरीदारों की मांग के अनुसार, रिसाइकल्ड गोल्ड और एथिकल तरीके से सोर्स किए गए डायमंड व स्टोनेस से बनी ज्वेलरी का चलन इस बार बाजार में जोर पकड़ेगा।


वैश्विक और भारतीय ज्वेलरी मार्केट पर आईआईजेएस प्रीमियर के व्यापक असर की बात करें, तो भारत दुनिया के सबसे बड़े ज्वेलरी उपभोग करने वाले देशों में से एक होने के साथ - साथ एक प्रमुख निर्माण केंद्र भी है। आईआईजेएस प्रीमियर 2026 का प्रभाव भारतीय सीमाओं तक ही सीमित नहीं रहेगा।  वैश्विक मंच पर भारत की धमक इस में देखी जा सकती है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, इस शो में आने वाले 60 से अधिक देशों के खरीदार भारतीय कारीगरी को सीधे देखेंगे। इससे मेक इन इंडिया ब्रांड के तहत भारतीय ज्वेलरी के निर्यात को भारी बढ़ावा मिलेगा। द जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल को अमेरिका, यूएई, हांगकांग और यूरोपीय देशों के साथ नए निर्यात सौदे होने की उम्मीद है। 


घरेलू स्तर पर संगठित व्यापार को बढ़ावा: भारत के टियर - टू और टियर - 3 शहरों के छोटे ज्वेलर्स जब इस शो में आकर कॉर्पोरेट मैन्युफैक्चरर्स से सीधे जुड़ते हैं, तो इससे घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होती है। साथ ही, शो के दौरान होने वाले इनोव8 टॉक्स जैसे सेमिनार भी ज्वेलरी उद्योगपतियों को वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और बदलते नियमों को समझने में मदद करेंगे। ज्वेलरी इंडस्ट्री के मानदंडों के हिसाब से कहा जाए, तो द जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा आयोजित आईआईजेएस प्रीमियर 2026 केवल ज्वेलरी की प्रदर्शनी मात्र नहीं है; यह भारतीय ज्वेलरी उद्योग के आत्मविश्वास, उसकी सदियों पुरानी कलात्मकता और आधुनिक व्यावसायिक दृष्टिकोण का महाघोषणापत्र है। साल 2026 का अगस्त का यह महीना भारतीय ज्वेलरी बाजार की दिशा और दशा तय करने वाला साबित होगा, जिसकी चमक आने वाले पूरे त्यौहारी सीजन में ग्राहकों और व्यापारियों के चेहरों पर साफ दिखाई देगी।


किरीट भंसाली - चेयरमैन-जीजेईपीसी
किरीट भंसाली - चेयरमैन-जीजेईपीसी

आईआईजेएस प्रीमियर ज्वेलरी एग्जिबिशन फिर से आयोजित हो रहा है। ज्वेलरी इंडस्यट्री को वैश्विक आयाम देने की दिशा में सबसे अहम साबित हुआ यह आयोजन जीजेईपीसी का सफलतम व्यापारिक उपक्रम है, जो व्यापार के नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार है। ज्वेलरी मार्केट में इस एग्जिबिशन को वर्तमान सुस्त बाजार में जान फूंकने के लिए एक संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है।







शौनक पारीख - वाइस चेयरमैन-जीजेईपीसी
शौनक पारीख - वाइस चेयरमैन-जीजेईपीसी

जीजेईपीसी द्वारा आयोजित ज्वेलरी एग्जिबिशन भारतीय ज्वेलरी इंडस्ट्री की रीढ़ मानी जाती हैं। ये आयोजन व्यापार को बढ़ावा देने, डिजाइनरों को मंच देने और भारत को वैश्विक आभूषण हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैं। इसीलिए इस बार बी इसे शानजार प्रतिसाद मिलने की उम्मीद है।








निरव भंसाली - कन्वीनर नेशनल एक्जिबिशन-जीजेईपीसी
निरव भंसाली - कन्वीनर नेशनल एक्जिबिशन-जीजेईपीसी

जियो वल्र्ड कन्वेंशन सेंटर में विशेष रूप से द सिलेक्ट क्लब स्थापित किया जा रहा है, जहां केवल उच्च श्रेणी के विशिष्ट कॉउचर और लक्जरी ज्वेलरी का प्रदर्शन होगा। यह हाई एंड रिटेलर्स के लिए एक खास अनुभव होगा। इसके अलावा सिल्वर ज्वेलरी, आर्टिफैक्ट्स और गिफ्टिंग आइटम्स में देखा जाए, तो सिल्वर ज्वेलरी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस बार सिल्वर के आधुनिक गहनों के साथ - साथ बर्तनों, धार्मिक मूर्तियों और कॉरपोरेट गिफ्टिंग आइटम्स की एक विशाल श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी। बदलते दौर की मांग को देखते हुए लैबग्रोन डायमंड्स और उनसे बनी ज्वेलरी के लिए लूज और स्टडेड दोनों रूपों में अलग समर्पित सेक्शन बनाया गया है।


 
 
 

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