सोने पर बढ़े आयात शुल्क का दिखा असर, गोल्ड इंपोर्ट घटा और पुराने आभूषणों की रिसाइक्लिंग बढ़ी
- Aabhushan Times
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सोने का आयात घटकर औसतम २५ से ३० टन महीना
रहा, जो शुल्क वृद्धि से पूर्व ७० से १०० टन के स्तर पर था
सोने पर हाल ही में सीमा शुल्क बढ़ाए जाने का वांछित परिणाम दिखने लगा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने आज बताया कि शुल्क बढ़ाए जाने से पहले हर महीने औसतन 70 से 100 टन सोने का आयात होता था जो अब घटकर 25 से 30 टन मासिक रह गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव से घरेलू बाजार में पुराने सोने की रिसाइक्लिंग भी बढ़ा है।
सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर मूल सीमा शुल्क को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया था। इसके साथ ही 5 फीसदी कृषि अवसंरचना और विकास उपकर भी लगाया था, जिससे प्रभावी आयात शुल्क बढक़र 15 फीसदी हो गया। यह शुल्क में अब तक की सबसे बड़ी एकल वृद्धि थी और इसने जुलाई 2024 में सीमा शुल्क में की गई कटौती को उलट दिया।
इस कदम का उद्देश्य अत्यधिक आयात को नियंत्रित करना, देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना और बढऩे व्यापार घाटे को पाटना था क्योंकि सोने के आयात से चालू खाते के बोझ में काफी इजाफा हुआ था। भारत सोने का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। वित्त वर्ष 2026 में इसने रिकॉर्ड मूल्य के सोने का आयात किया था, जिससे गैर-तेल आयात बिल में सोने का हिस्स काफी ज्यादा हो गया था। सरकार अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि देश में आने वाले सोने की उच्च लागत (उच्च लैंडेड लागत) ने नए आयात को हतोत्साहित किया है और आभूषण विनिर्माताओं और उपभोक्ताओं को पुराने सोने को रिसाइक्ल करके उपयोग करने का विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारी ने कहा, 'यह नीति सही तरीके से काम कर रही है। हम आयात की मात्रा में स्पष्ट कमी और पुराने आभूषणों के आदान-प्रदान और पुनर्चक्रण में अच्छी वृद्धि देख रहे हैं।Ó वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी व्यापार आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में लगभग 5.63 अरब डॉलर मूल्य के सोने का आयात किया गया था जो शुल्क वृद्धि के बाद मई में घटकर लगभग 3.42 अरब डॉलर रह गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कम से कम एक साल तक सोने की खरीद से परहेज करने की अपील की थी। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि यह निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी कि उच्च शुल्क दर ने भारत की सोने की मांग को सही मायने में कम कर दिया है।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शुल्क वृद्धि के बावजूद मई में सोने का आयात 34 फीसदी बढक़र 3.42 अरब डॉलर हो गया जबकि अप्रैल-मई 2026 के दौरान कुल 9.04 अरब डॉलर मूल्य के सोने का आयात किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 60.1 फीसदी अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शुल्क बढ़ोतरी ने आयात में वृद्धि की गति को धीमा कर दिया है लेकिन मांग को महत्त्वपूर्ण रूप से कम नहीं किया है।
जीटीआरआई के अनुसार आभूषणों की मजबूत मांग, वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित-निवेश की मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की ऊंची कीमतों ने आयात को समर्थन देना जारी रखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शुल्क वृद्धि के बाद आयात की रफ्तार भले ही धीमी हुई हो लेकिन लगातार मजबूत मांग भारत के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा के बाहर जाने पर दबाव बनाए रख सकती है।










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