top of page

'हमारा अपना शो - जीजेएस' ज्वैलरी कारोबार को नई गति देने की तैयारी

Aabhushan Times
33 minutes ago
7 min read


भारतीय ज्वैलरी उद्योग की विकास यात्रा में मुंबई एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल द्वारा आयोजित 'जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो' ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मुंबई के जियो वल्र्ड कन्वेंशन सेंटर में आगामी 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाला इसका दसवां संस्करण ऐसे समय में हो रहा है, जब देश का ज्वैलरी बाजार त्योहारी और विवाह सीजन की तैयारियों में जुट रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले ज्वैलरी कारोबार को एक मंच पर लाने और व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल के चेयरमेन राजेश रोकड़े एवं 'जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो' के कन्वीनर संय़म मेहरा सहित उनकी पूरी टीम ने इस शो की सफलता के लिए जबरदस्त मेहनत की है। काउंसिल ने 100 से ज्यादा शहरों में रोड़ शो के जरिए ज्वैलर्स को इस शो से जोड़ा है। इसीलिए काउंसिल के चेयरमेन रोकडे, वाईस चेयरमेन अविनाश गुप्ता एवं जीजेएस के कन्वीनर मेहरा दोनों इस बार के शो की सफलता को लेकर बेहद आश्वस्त हैं। 

'हमारा अपना शो' की आकर्षक भावना के साथ आयोजित होने वाला जीजेएस देशभर के ज्वैलरी निर्माताओं, थोक व्यापारियों और खुदरा विक्रेताओं को एक-दूसरे से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। आयोजकों की सोच केवल तीन दिनों तक चलने वाली प्रदर्शनी आयोजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य घरेलू ज्वैलरी व्यापार के लिए ऐसा साझा मंच तैयार करना है, जहां कारोबारी नए उत्पादों और डिजाइनों को देख सकें, नए व्यापारिक संबंध बना सकें, अपनी खरीद की योजनाएं तैयार कर सकें और बदलते बाजार की दिशा को समझ सकें। वर्ष 2022 में शुरू हुई जीजेएस की यात्रा का दसवें संस्करण तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय ज्वैलरी कारोबार ने इस आयोजन को स्वीकार किया है। 

'जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो' की सबसे बड़ी विशेषता उसका देशव्यापी स्वरूप है। ज्वैलरी कारोबार की वास्तविक शक्ति देश के महानगरों के साथ-साथ छोटे और मध्यम शहरों में भी मौजूद है। अलग-अलग क्षेत्रों की अपनी पसंद, डिजाइन परंपरा, ग्राहक वर्ग और व्यापारिक आवश्यकताएं हैं। ऐसे में जब देश के विभिन्न हिस्सों के कारोबारी एक ही स्थान पर मिलते हैं, तो व्यापार के नए रास्ते खुलते हैं। जीजेएस इसी संपर्क को मजबूत करने का काम कर रहा है। आयोजन से पहले देश के सौ से अधिक शहरों में संपर्क एवं प्रचार यात्राएं आयोजित की गई हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय ज्वैलरी कारोबारियों को इस आयोजन से जोडऩे का प्रयास किया गया है। वर्ष 2026 के जीजेएस ज्वैलरी शो में देश भर से 400 से अधिक एग्जिबिटर्स, 700 से अधिक स्टॉल्स, 15 हजार से अधिक विजिटर्स और 2 हजार से अधिक विशेष आमंत्रित खरीददारों के पहुंच रहे हैं। लगभग पच्चीस लाख वर्गफीट क्षेत्रफल पर आयोजित होने वाले इस आयोजन में 700 से भी ज्यादा स्टॉल्स पर गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी के साथ ही डायमंड ज्वैलरी, लूज ड़ायमंड्स, कलर स्टोन्स, पल्र्स, लैब ग्रोन डायमंड्स, ज्वैलरी निर्माण से जुड़ी मशीनें तथा अन्य सहायक सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कारोबारियों के लिए ठहरने, आवागमन, भोजन, वाहन पार्किंग और व्यापारिक मेल-मिलाप जैसी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। विशेष रूप से आमंत्रित खरीददारों के लिए अलग सुविधाएं और होटल व्यवस्था इस आयोजन को और सुविधाजनक बनाती है। 100 से ज्यादा शहरों में रोड शो के जरिए किए गए संपर्क से जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो में आने वाले आगंतुकों की संख्या बहुत खास होगी। 

इस बार होने जा रहा जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो कई कारणों से विशेष महत्व रखता है। जीजेएस के कन्वीनर काउंसिल के पास्ट प्रैसिडेंट संयम मेहरा कहते हैं कि जीजेएस के आयोजन में सबसे बड़ा महत्व इसकी टाइमिंग है। मेहरा कहते हं कि 2 से 4 अक्टूबर के बीच होने वाला यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब गणेशोत्सव के बाद देश त्योहारी खरीदारी के दौर में प्रवेश कर चुका होगा और धनतेरस, दीपावली तथा विवाह समारोहों की तैयारियां तेज हो रही होंगी। खुदरा ज्वैलरी विक्रेताओं के लिए यह अपनी आगामी बिक्री को ध्यान में रखते हुए नए ज्वैलरी कलेक्शंस और नए डिजाइनों की खरीद का उपयुक्त समय है। वहीं निर्माताओं और थोक व्यापारियों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले खरीददारों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर है। संयम मेहरा का कहना है कि इस बार आयोजन में पारंपरिक गोल्ड और सिल्वर ज्वैलरी से लेकर आधुनिक डिजाइन, डायमंड ज्वैलरी, कलर स्टोन्स, पर्ल्स, और लैब ग्रौन डायमंड्स तक के लगभग सभी उत्पादों की व्यापक विविधता देखने को मिलेगी। जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो में ज्वैलरी उद्योग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श और ज्ञानवर्धक सेशन भी आयोजित किए जाएंगे। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल के चैयरमैन राजेश रोकड़े का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से कारोबारियों को केवल उत्पादों की जानकारी ही नहीं मिलती, बल्कि बाजार में बदलती पसंद, नई तकनीक, डिजाइन की दिशा और भविष्य की व्यापारिक संभावनाओं को समझने का अवसर भी मिलता है। रोकड़े कहते हैं कि ज्वैलरी उद्योग में आज ग्राहक पहले की तुलना में कहीं अधिक जागरूक है। आम तौर पर देका गया है कि ज्वैलरी कारोबार के लिए किसी बड़े आयोजन की उपयोगिता केवल बिक्री या खरीद तक सीमित नहीं होती। दरअसल, ऐसे आयोजन पूरे व्यापार तंत्र को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। निर्माता को नए विक्रेता मिलते हैं, खुदरा कारोबारी को नए उत्पाद और नए आपूर्तिकर्ता मिलते हैं, वहीं विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारियों के बीच अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान होता है। यही कारण है कि ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल की कोशिशों को भारतीय ज्वैलरी कारोबार के विकास की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा सकता है। हमारा देश गोल्ड ज्वनेलरी की विशाल मांग वाले प्रमुख बाजारों में है और भारतीय समाज में ज्वैलरी केवल सौंदर्य की वस्तु नहीं, बल्कि परंपरा, सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक विरासत और शुभ अवसरों से जुड़ा हुआ है। त्योहारों और वैडिंग सीजन में इसकी मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। ऐसे समय में, त्योहारों और विवाह के सीजन से ठीक पहले आयोजित होने वाला जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो व्यापारियों को आगामी मांग के लिए तैयार होने का अवसर देता है। आम तौर पर देखा गया है कि ज्यादातर लोग जीजेएस की सफलता को सीधे आईआईजेएस से जोड़ते हैं। इसीलिए, यहां यह स्पष्ट करना भी आवश्यक है कि आईआईजेएस को जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल विश्व के दूसरे सबसे बड़े रत्न एवं ज्वैलरी व्यापारिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करता है, जबकि जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो का प्रमुख केंद्र घरेलू ज्वैलरी व्यापार और देशभर के कारोबारियों को जोडऩा है। इस अंतर को समझना आवश्यक है, क्योंकि जीजेएस की वास्तविक ताकत उसके घरेलू बाजार पर केंद्रित स्वरूप में है। वर्ष 2022 में शुरू हुई इस यात्रा ने बहुत कम समय में दसवें संस्करण तक पहुंचकर उल्लेखनीय और सराहनीय विस्तार किया है। शुरुआती आयोजन से लेकर आज तक इसमें एग्जिबिटर्स और व्यापारियों की भागीदारी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2025 के आयोजन में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शकों और आगंतुकों की उपस्थिति रही थी। वर्ष 2026 का दसवां संस्करण इस विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके पीछे ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल के पदाधिकारियों की निरंतर मेहनत के साथ-साथ देश भर के ज्वैलरी कारोबारियों का विश्वास भी जुड़ा हुआ है। अब, जब जीजेएस अपने दसवें संस्करण के साथ एक बार फिर मुंबई में कारोबारियों का स्वागत करने जा रहा है, तो पूरे ज्वैलरी बाजार की निगाहें इस आयोजन पर हैं। वर्तमान समय में गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ग्राहकों की बदलती खरीदारी आदतें, बढ़ते कंपीटिशन और कारोबार की बढ़ती लागत जैसी अनेक चुनौतियां सामने हैं। ऐसे वातावरण में बाजार को केवल नए उत्पादों की नहीं, बल्कि नए व्यापारिक संबंधों, नए विचारों और नए अवसरों की भी आवश्यकता है। जीजेएस इन सभी आवश्यकताओं को एक ही मंच पर जोडऩे का प्रयास करता है। त्योहारों और विवाह सीजन से ठीक पहले होने के कारण इस आयोजन से व्यापार में नई गति आने की उम्मीद स्वाभाविक है। ऑन इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल द्वारा वर्ष 2022 से शुरू की गई जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वेलरी शो की यात्रा का दसवें संस्करण तक पहुंचना आपने आप में इस आयोजन की स्वीकार्यता का संकेत है। अब चुनौती और अवसर दोनों सामने हैं कि इस आयोजन को केवल एक एग्जिबिशन से आगे ले जाकर पूरे डॉमेस्टिक ज्वैलरी कारोबार के विकास का सशक्त माध्यम बनाने की। हमारा अपना शो की भावना तभी सार्थक होगी, जब देश का हर ज्वैलरी कारोबारी इसे अपने व्यापार की संभावनाओं से जोडक़र देखे। उम्मीद है कि जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 2, 3 और 4 अक्टूबर को होने वाला जीजेएस 2026 केवल ज्वैलरी की चमक नहीं दिखाएगा, बल्कि त्योहारी मौसम से पहले भारतीय ज्वैलरी कारोबार में नई ऊर्जा, नए संबंध और नई कारोबारी गति का भी शुभारंभ करेगा।


राजेश रोकडे - चेयरमेन-जीजेसी
राजेश रोकडे - चेयरमेन-जीजेसी

मुंबई स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 2, 3 और 4 अक्टूबर को आयोजित किए जाने वाला जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वैलरी शो देश भर के ज्वैलर्स को आपस में जोड़ता है। काऊंसिल के पदाधिकारियों व आयोजकों की बाजार के विकास को लेकर जो सोच है, वह ज्वैलरी बिजनेस को लिए बेहद सकारात्मक है, इसीलिए इसकी सफलता भी 10वे शो से आगे तेजी पकड़ रही है।

अविनाश गुप्ता - वाईस चेयरमैन-जीजेसी
अविनाश गुप्ता - वाईस चेयरमैन-जीजेसी

जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वैलरी शो की 'हमारा अपना शो' की भावना का वास्तविक अर्थ पूरा होता दिख रहा है। देश का ज्वैलरी व्यापार इसे केवल एक एग्जिबिशन नहीं, बल्कि अपने सामूहिक विकास के मंच के रूप में देख रहा है। इस शो को एक मजबूत पहचान मिली है और अब जीजेएस का 10वां संस्करण उस पहचान को अगले स्तर तक ले जाने की परीक्षा है।

संयम मेहरा - कन्वीनर-जीजेएस
संयम मेहरा - कन्वीनर-जीजेएस

मुंबई में होने वाला जीजेएस - इंडिया जेम एंड ज्वैलरी शो - 2026  ऐसे समय पर दस्तक दे रहा है, जब बाजार को त्यौहारी मांग, वेडिंग सीजन और नए बिजनेस के अवसरों से सकारात्मक संकेतों की जरूरत है। इसलिए उम्मीद यही है कि 'हमारा अपना शो - जीजेएस' इस बार केवल चमकेगा नहीं, बल्कि देश भर के ज्वेलरी कारोबार में नई कारोबारी चमक भी पैदा करेगा।

नितीन खंडेलवाल - पूर्व चेयरमेन-जीजेसी
नितीन खंडेलवाल - पूर्व चेयरमेन-जीजेसी

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डॉमेस्टिक काउंसिल द्वारा साल 2022 में शुरू हुए इस सफर ने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है। इस बार होने जा रहा 10वां संस्करण यह साबित करता है कि यह शो आज ज्वैलरी बिजनेस की बैकबोन बन चुका है। यह आयोजन एग्जिबिशन से आगे बढक़र डॉमेस्टिक ज्वैलरी कारोबार के विकास का सशक्त माध्यम बनने की तरफ बढ़ रहा है।



 
 
 

Comments


Top Stories

Bring Jewellery news straight to your inbox. Sign up for our daily Updates.

Thanks for subscribing!

  • Instagram
  • Facebook

© 2035 by Aabhushan Times. Powered and secured by Mayra Enterprise

bottom of page