52वें इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स में अमित शाह ने उद्योग को सराहा2040 तक 100 अरब डॉलर के ज्वेलरी निर्यात का GJEPC का लक्ष्य

मुंबई। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) द्वारा आयोजित 52वें इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स (IGJA) में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सांसद और ज्वेलरी उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर GJEPC के चेयरमेन किरीट भंसाली, वाइस चेयरमेन शौनक पारिख, भारत डायमंड बोर्स के अध्यक्ष अनूप मेहता, GJEPC के इवेंट्स कन्वीनर मनसुख कोठारी, ऑडिट्स एंड फाइनेंस कन्वीनर अनिल विरानी तथा वेस्टर्न रीजन की रीजनल चेयरपर्सन खुशबू राणावत सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे।
अमित शाह ने कहा कि भारत के पास दुनिया का प्रमुख जेम्स एवं ज्वेलरी हब बनने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, पूंजी, क्षमता और उद्यमी हैं। उन्होंने लैब-ग्रोन डायमंड को बड़ा अवसर बताते हुए मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेक्नोलॉजी, ज्वेलरी, ब्रांडिंग और रिटेल तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने तथा भारतीय ब्रांडों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई देश के जेम्स एवं ज्वेलरी कारोबार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि 2025 की नई ज्वेलरी पॉलिसी के माध्यम से उद्योग को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नवी मुंबई में विकसित हो रहे आधुनिक ज्वेलरी इकोसिस्टम से करीब 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 50 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि देश में 50 लाख से अधिक लोग इस क्षेत्र से जुड़े हैं और महाराष्ट्र व मुंबई का देश के कुल जेम्स एवं ज्वेलरी निर्यात में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में ज्वेलरी उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।


GJEPC चेयरमेन किरीट भंसाली ने कहा कि पिछले वर्षों में वैश्विक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक तनाव और टैरिफ संबंधी चुनौतियों के बावजूद भारतीय उद्योग ने नए बाजारों, तकनीक और वैल्यू एडिशन के माध्यम से अपनी मजबूती साबित की है। उन्होंने डिजाइन, इनोवेशन, तकनीक और भारतीय ब्रांडों के विकास को भविष्य की प्राथमिकता बताया। 2040 तक 100 अरब डॉलर निर्यात का लक्ष्य - भारत के जेम्स एवं ज्वेलरी निर्यात ने वित्त वर्ष 2025-26 में 27.72 अरब डॉलर का आंकड़ा दर्ज किया। इसी मजबूती के आधार पर GJEPC ने वर्ष 2040 तक जेम्स एवं ज्वेलरी निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य विकसित भारत 2047 की व्यापक सोच के अनुरूप है।
नवी मुंबई ज्वेलरी पार्क में दशहरे से काम शुरू - कार्यक्रम में बताया गया कि महाराष्ट्र सरकार से आवश्यक सभी मंजूरियां मिलने के बाद नवी मुंबई स्थित इंडिया ज्वेलरी पार्क में दशहरे से काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे देश में डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन, वैल्यू एडिशन और वैश्विक व्यापार का मजबूत इकोसिस्टम विकसित होगा।


उत्कृष्ट उपलब्धियों का सम्मान - 52वें IGJA में निर्यात, कारोबार, रोजगार, डायमंड मैन्युफैक्चरिंग, गोल्ड एवं सिल्वर ज्वेलरी, कलर्ड जेमस्टोन, फैशन ज्वेलरी, लैब-ग्रोन डायमंड, CSR, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, अंतरराष्ट्रीय बिक्री, महिला उद्यमिता और बैंकिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया। स्पेशल रिकग्निशन अवॉर्ड क्रिस्टल डायमंड्स के पार्टनर अरविंद छोटालाल पारिख को सात दशकों से अधिक समय तक डायमंड उद्योग में योगदान के लिए प्रदान किया गया। वहीं लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड किरण जेम्स के संस्थापक वल्लभभाई पटेल को उनके उल्लेखनीय उद्यमशील सफर और उद्योग व समाज में योगदान के लिए दिया गया।
52वां IGJA समारोह भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग की मजबूती, वैश्विक महत्वाकांक्षा और विकसित भारत के निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका का प्रतीक बना।












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