उडुपी में आईआईजीजे को उत्कृष्टता केंद्र का दर्जावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया उद्घाटन

उडुपी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमण ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी (IIGJ), उडुपी को रत्न एवं आभूषण कौशल विकास के क्षेत्र में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया। इस पहल को जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग में कौशल विकास, नवाचार और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समारोह में लोकसभा सांसद कोटा श्रीनिवास पूजारी, विधायक यशपाल ए. सुवर्णा, उडुपी की डिप्टी कमिश्नर स्वरूपा टी.के., जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक बायल सहित जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें जीजेईपीसी के चेयरमैन किरीट भंसाली, वाइस चेयरमैन शौनक पारिख, दक्षिणी क्षेत्र के चेयरमैन महेंद्र तयाल तथा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सब्यसाची रे प्रमुख रूप से शामिल थे। इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आईआईजीजे उडुपी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण किस प्रकार युवाओं के जीवन में परिवर्तन ला सकता है और दक्षिण भारत के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित कर सकता है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। पिछले एक वर्ष में संस्थान ने लगभग 600 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है, जिससे युवाओं को उद्योग के अनुरूप कौशल, उद्यमिता के अवसर और समृद्धि की नई राहें मिल रही हैं।
जीजेईपीसी के चेयरमैन किरीट भंसाली ने बताया कि देशभर में संचालित आईआईजीजे के सात केंद्रों ने अब तक 7,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार कर रही है, बल्कि भारत को वर्ष 2047 तक रत्न एवं आभूषण निर्यात में 100 अरब डॉलर के लक्ष्य की ओर भी मजबूती से आगे बढ़ा रही है।












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