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संपादकीय...
सिद्धराज लोढ़ा ज्वेलरी इंडस्ट्री में नई पीढ़ी और नए आयाम में आगे बढ़ते कदम भारतीय ज्वेलरी उद्योग केवल गोल्ड, सिल्वर, डायमंड और स्टोन्स का कारोबार नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक परंपराओं और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। तो, 'आभूषण टाइम्स' भी आपकी सफलता का साथी है। ज्वेलरी इंडस्यट्री लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारत के निर्यात में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। लेकिन बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, तकनीकी क्रांति,
Jul 264 min read


फीकी पड़ती डायमंड की चमक कटिंग और पॉलिशिंग इंडस्ट्री पर वैश्विक संकट
कभी विलासिता, समृद्धि और आकर्षण का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाने वाला डायमंड आज स्वयं अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। कुछ वर्ष पहले तक दुनिया भर में हीरे की बढ़ती मांग ने भारत के डायमंड उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया था। विशेष रूप से गुजरात का सूरत शहर विश्व की डायमंड कैपिटल के रूप में जाना जाने लगा था। लेकिन बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नीतियों, अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी आयात शुल्क, वैश्विक मांग में कमी तथा वित्तीय संकट के कारण भा
Jul 256 min read


आईआईजेएस प्रीमियर 2026ज्वेलरी इंडस्ट्री को नई ऊर्जा की उम्मीद
भारतीय जेम एंड ज्वेलरी उद्योग इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। वैश्विक आर्थिक उतार - चढ़ाव, गोल्ड - सिल्वर की कीमतों में उतार - चढ़ाव और बदलते उपभोक्ता रुझानों के बीच, देश और दुनिया भर के ज्वेलर्स की निगाहें अब वर्ष के सबसे बड़े व्यापारिक महाकुंभ पर टिक गई हैं। द जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा अगस्त 2026 में आयोजित होने जा रहा आईआईजेएस प्रीमियर 2026 (इंडिया इंडरनेशनल ज्वेलरी शो - प्रीमियर) इस बार न केवल व्यापार के नए कीर्तिमान स्थापित करने क
Jul 147 min read


सोने पर बढ़े आयात शुल्क का दिखा असर, गोल्ड इंपोर्ट घटा और पुराने आभूषणों की रिसाइक्लिंग बढ़ी
सोने का आयात घटकर औसतम २५ से ३० टन महीना रहा, जो शुल्क वृद्धि से पूर्व ७० से १०० टन के स्तर पर था सोने पर हाल ही में सीमा शुल्क बढ़ाए जाने का वांछित परिणाम दिखने लगा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने आज बताया कि शुल्क बढ़ाए जाने से पहले हर महीने औसतन 70 से 100 टन सोने का आयात होता था जो अब घटकर 25 से 30 टन मासिक रह गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव से घरेलू बाजार में पुराने सोने की रिसाइक्लिंग भी बढ़ा है। सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर मूल सीमा शुल्क को 5 फीसदी से बढ़ा
Jun 203 min read


सोना फिर बनाएगा रिकॉर्ड? जे.पी. मॉर्गन का दावा साल के अंत तक $6,000 तक पहुंच सकती है कीमत, निवेशकों में बढ़ी हलचल
सोने की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है, जिसने निवेश बाजार में हलचल मचा दी है। वैश्विक वित्तीय संस्थान जे.पी. मॉर्गन ने अनुमान जताया है कि साल के अंत तक सोने की कीमत में करीब 40त्न तक की तेज़ी देखने को मिल सकती है। इस अनुमान के सामने आने के बाद दुनियाभर के निवेशकों की नजरें एक बार फिर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर टिक गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई, ब्याज दरों में संभावित बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारण सो
Jun 202 min read


भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मुंबई के SEEPZ-SEZ में कस्टम्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट फेसीलिटेशन सेंटर का उद्घाटन किया
मुंबई। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज मुंबई स्थित SEEPZ-SEZ के SDF-VIII परिसर में कस्टम्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट फेसीलिटेशन सेंटर (CEIFC) का उद्घाटन किया। यह पहल निर्यात क्षेत्र में व्यापार सुगमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उद्घाटन समारोह की मेजबानी SEEPZ-SEZ के जोनल डेवलपमेंट कमिश्नर श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल, आईएएस ने की। इस अवसर पर SEEPZ के संयुक्त विकास आयुक्त श्री मयूर आर. मंकर, आईआरएस तथा उप विकास आयुक्
Jun 202 min read


सिल्वर की बढ़ती जरूरत, चढ़ते रेट
सिल्वर पर वैश्विक स्तर पर संकट का साया मंडराता दिख रहा है। सिल्वर का खनन लगातार घटता जा रहा है और डिमांड बढ़ती जा रही है, क्योंकि खपत लगातार विकसित हो रही है। इसीलिए, माना जा रहा है कि एक बार फिर सिल्वर की किस्मत चमक सकती है। दुनिया भर के निवेशकों की नजरें आमतौर पर गोल्ड पर देखी जाती रही हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सिल्वर ने भी वैश्विक वित्तीय बाजारों में अपनी अलग पहचान बनाई है। गोल्ड की तरह सिल्वर भी एक कीमती धातु है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल निवेश क
Jun 157 min read


ज्वेलरी बिजनेस पर मंदी की मार
वैश्विक स्तर पर खराब होते आर्थिक हालात और तेजी से बढञ रही महंगाई की मार से ज्वेलरी सेक्टर दोहरे दबाव में है। ज्वेलरी बिजनेस पर संकट का साया मंडरा रहा है। वल्र्ड इकॉनोमिक फोरम की र्पोर्ट कहती है कि आने वाले कम से कम दो साल तक तो दुनिया के आर्थिक हालात सुधरने आसान नहीं है। भारत में ज्वेलरी इंडस्ट्री को देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है। गोल्ड, सिल्वर, डायमंड और प्लेटिनम ज्वेलरी का कारोबार न केवल घरेलू मांग पर आधारित है, बल्कि यह भारत के एक्सपोर्ट क्षेत्र क
Jun 157 min read


गोल्ड और महंगा होगा, इस साल के अंत तक
गोल्ड के वैश्विक जानकार कहते हैं कि साल 2026 के अंत तक गोल्ड के और महंगा होने के आसार हैं। इंटरनेशनल लेवल पर विभिन्न देशों के बीच के संबंध लगातार खराब होने जारी हैं। कुछ देश गोल्ड लगातार खरीद रहे हैं। तो रेट बढऩे जायज ही है। दुनिया की अर्थव्यवस्था इस समय कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रही है। एक ओर पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल से जुड़े तनाव तथा युद्ध की आशंकाएं हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका की आर्थिक नीतियां, डॉलर की मजबूती, बढ़ता सरकारी कर्ज और ऊर्जा संकट वैश्विक वित्तीय
Jun 157 min read


संपादकीय... वैश्विक मंदी और ज्वेलरी उद्योग की मुश्किल
सिद्धराज लोढ़ा ज्वेलरी इंडस्ट्री मंदी के माहौल में उतरने जा रही है, अत: सभी को सावधान रहने की जरूरत है। मंदी जब जब आती है, तो समझदार लोग उसे चुनौतियों के बीच अवसर तलाशने का समय बताते है, लेकिन 'घायल की गति घायल जाने' वाली कहावत के अनुसार सबसे खराब हालत ज्वेलरी बिजनेस से जुड़े लोगों की है, जिन पर रोटी रोटी का संकट मंडरा रहा है। हम जानते हैं कि भारत का ज्वेलरी उद्योग केवल एक व्यापार नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मगर, हमारी इस
Jun 154 min read


भारत-ओमान सीईपीए के तहत कोलकाता से ओमान रवाना हुई सोने के आभूषणों की पहली खेप
कोलकाता। भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत कोलकाता से ओमान के लिए सोने के आभूषणों की पहली खेप रवाना की गई। इसके साथ ही पूर्वी भारत से ओमान को सीधे शुल्क-मुक्त निर्यात का मार्ग खुल गया है। कोलकाता स्थित आभूषण निर्माता वंडर ज्वेल्स द्वारा भेजी गई इस पहली खेप को सीमा शुल्क आयुक्त (कोलकाता एयरपोर्ट एवं एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स) श्रीमती आरती सक्सेना (आईआरएस) तथा जीजेईपीसी पूर्वी क्षेत्र के क्षे
Jun 122 min read


गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ से रिकॉर्ड निवेश निकासी
कीमती धातुओं के दामों में जबरदस्त तेजी के बाद अब उनमें नरमी आ रही है। इस कारण गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) के निवेशक भी अपने पैसे निकाल रहे हैं। मई में निवेशकों ने गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ से लगभग 3,000 करोड़ रुपये निकाले, जो इन दोनों श्रेणियों से किसी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा निकासी है। इसी तरह अकेले गोल्ड ईटीएफ से मई में 725 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई, जो इस श्रेणी के लिए अब तक की सबसे ज्यादा निकासी है और करीब एक साल में पहली बार मासिक रीडम्पशन हुआ
Jun 123 min read
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